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राष्ट्रीय कौशल विकास मिशन

राष्ट्रीय कौशल विकास मिशन को केंद्रीय मंत्रिमंडल द्वारा दिनांक 01.07.2015 को अनुमोदित किया गया था, और माननीय प्रधान मंत्री जी द्वारा विश्व युवा कौशल दिवस के अवसर पर दिनांक 15.07.2015 को इसे आधिकारिक रूप से प्रारम्भ किया गया था। इस मिशन को कौशल प्रशिक्षण गतिविधियों के संदर्भ में क्षेत्रों और राज्यों में अभिसरण बनाने के लिए विकसित किया गया है। इसके अलावा, 'कुशल भारत' के दृष्टिकोण को प्राप्त करने के लिए, राष्ट्रीय कौशल विकास मिशन न केवल कौशल प्रयासों को समेकित और समन्वित करेगा, बल्कि गति और मानकों के साथ कौशलीकरण प्राप्त करने के लिए सभी क्षेत्रों में निर्णय लेने में तेजी लाएगा। इसे कौशल विकास और उद्यमशीलता मंत्रालय (एमएसडीई) द्वारा संचालित एक सुव्यवस्थित संस्थागत तंत्र के माध्यम से लागू किया जाएगा। इस मिशन के उद्देश्यों को प्राप्त करने के लिए प्रमुख संस्थागत तंत्र को तीन स्तरों में विभाजित किया गया है, जिसमें शीर्ष स्तर पर नीति मार्गदर्शन के लिए एक संचालन परिषद, एक संचालन समिति और एक मिशन निदेशालय (एक कार्यकारी समिति के साथ) कार्यकारी शाखा के रूप में शामिल होगा। मिशन निदेशालय को तीन अन्य संस्थानों द्वारा सहायता प्रदान की जाएगी : राष्ट्रीय कौशल विकास एजेंसी (एनएसडीए), राष्ट्रीय कौशल विकास निगम (एनएसडीसी), और प्रशिक्षण महानिदेशालय (डीजीटी) - जिसमें सभी को मिशन निदेशालय के साथ क्षैतिज संबंध होंगे ताकि राष्ट्रीय संस्थागत तंत्र का कामकाज सुचारू तरीके से हो सके। मिशन के समग्र उद्देश्यों को प्राप्त करने के लिए बिल्डिंग ब्लॉक के रूप में कार्य करने के लिए प्रारम्भ में सात उप-मिशन प्रस्तावित किए गए हैं। जो इस प्रकार हैं:

(i) संस्थागत प्रशिक्षण, (ii) अवसंरचना, (iii) अभिसरण, (iv) प्रशिक्षक, (v) समुद्रपारीय रोजगार, (vi) सतत आजीविका, (vii) सार्वजनिक अवसंरचना का उत्थान।

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