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औद्योगिक मूल्य संवर्धन के लिए कौशल सुदृढ़ीकरण (स्ट्राइव)

औद्योगिक मूल्य संवर्धन के लिए कौशल सुदृढ़ीकरण परियोजना (स्ट्राइव) विश्व बैंक से सहायता-प्राप्त भारत सरकार की परियोजना है, जिसका उद्देश्य औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (आईटीआई) और शिक्षुओं के माध्यम से कौशल प्रशिक्षण की प्रासंगिकता और दक्षता में सुधार करना है। 19 दिसंबर, 2017 को भारत सरकार और इंटरनेशनल बैंक फॉर रिकंस्ट्रक्शन एंड डेवलपमेंट (आईबीआरडी) के मध्य वित्तीय समझौते पर हस्ताक्षर किए गए एवं परियोजना की समापन तिथि नवंबर, 2022 है। यह व्यावसायिक शिक्षा और प्रशिक्षण में इनपुट से परिणाम तक सरकार की कार्यान्वयन कार्यनीति में बदलाव पर केंद्रित स्कीम है। इसका उद्देश्य संस्थागत सुधार और दीर्घकालिक व्यावसायिक शिक्षा प्रशिक्षण में कौशल विकास प्रशिक्षण कार्यक्रमों की गुणवत्ता और बाजार प्रासंगिकता में सुधार लाना है। यह एसएमई, व्यापार संघ और उद्योग समूहों को शामिल करके शिक्षुता सहित समग्र निष्पादन में सुधार के लिए आईटीआई को प्रोत्साहित करेगा। परियोजना का उद्देश्य राज्य के प्रशिक्षण और रोजगार निदेशालय, सीएसटीएआऱई, निमी, एनएसटीआई, आईटीआई इत्यादि जैसे संस्थानों को सुदृढ़ करके गुणवत्ता कौशल विकास प्रशिक्षण प्रदान करने के लिए सुदृढ़ तंत्र तैयार करना है।

यह केंद्रीय क्षेत्र योजना (सीएसएस) है जिसमें 2200 करोड़ भारतीय रूपये (318 मिलियन यूएस डॉलर) का बजट परिव्यय निम्नलिखित 4 परिणाम क्षेत्रों को शामिल करता है:

  • आईटीआई का बेहतर कार्यनिष्पादन।
  • आईटीआई और शिक्षुता प्रशिक्षण में सहयोग करने के लिए राज्य सरकारों की क्षमता में वृद्धि
  • बेहतर शिक्षण और शिक्षा।
  • बेहतर और व्यापक शिक्षुता प्रशिक्षण।

प्रगति- अब तक

  • 31 राज्यों/संघशासित क्षेत्रों ने स्ट्राइव को लागू करने के लिए समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं।
  • कार्यक्रम में भाग लेने के लिए 23 राज्यों की कुल 314 आईटीआई का चयन किया गया है।
  • 211 आईटीआई ने निष्पादन आधारित अनुदान समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं।
  • शिक्षुता को बढ़ावा देने के लिए 8 राज्यों के 13 उद्योग समूहों (आईसी) का प्रायोगिक चरण में चयन किया गया है।
  • कौशल प्रशिक्षण में महिला भागीदारी में प्रमुख बाधाओं का पता लगाने के लिए बाहरी एजेंसी को काम पर रखा गया है ताकि महिला भागीदारी को बढ़ाने के लिए उपचारात्मक कार्रवाई की जा सके।
  • आईटीआई प्रिंसिपलों, आईएमसी अध्यक्ष, आईसीएस और राज्य के अधिकारियों के लिए क्षमता-निर्माण कार्यशालाओं का आयोजन किया गया। अब तक 16 राज्यों और 150 से अधिक आईटीआई प्रतिनिधियों को प्रशिक्षित किया गया है और परियोजना की बारीकियों पर विस्तार से जानकारी दी गई है।
  • परियोजना आईटीआई और राज्य विभागों के लिए आधार परिमेलन और सुधार पूर्ण हो गया है।
  • वित्तीय संवितरण प्रग्रहण करने और आईटीआई हेतु केपीआई को ट्रैक करने के लिए निगरानी पोर्टल का निर्माण पूर्ण हो गया है और इस समय जीवंत है।
  • परियोजना के कार्यान्वयन पर उनकी क्षमता निर्माण के लिए उद्योग समूहों/संघों का दौरा किया गया।
  • स्ट्राइव परियोजना के कार्यान्वयन पर क्षमता निर्माण हेतु 18 निजी आईटीआई का दौरा किया गया।
  • राज्य स्तरीय संपर्क अधिकारियों के लिए स्ट्राइव अंतर्गत पर्यावरण और सामाजिक पहलुओं पर कार्यशाला आयोजित की गई है।
  • दिल्ली में विभिन्न हितधारकों और विभिन्न क्षेत्रीय स्थानों के लिए अभी तक स्ट्राइव पर 25 से अधिक कार्यशालाएं पूर्ण हो चुकी हैं
  • विभिन्न कार्यान्वयन एजेंसियों को 67.83 करोड़ भारतीय रूपये से अधिक संवितरित किए जा चुके हैं ।
  • एनएसक्यूएफ के अनुरूप 13,394 कर्मचारियों को प्रशिक्षित किया गया है।
  • अब तक संवितरण से संबंधित दो परिणाम मिल चुके हैं, अर्थात संचालन मैनुअल का अनुमोदन और 200 आईटीआई द्वारा समझौतों पर हस्ताक्षर ।