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शिल्प अनुदेशक प्रशिक्षण स्कीम (सीआईटीएस)

शिल्पकार अनुदेशक प्रशिक्षण, डीजीटी को सौंपी गई जिम्मेदारी है और यह शिल्पकार प्रशिक्षण स्कीम के शुरू होने के समय से ही प्रचालनरत है। अनुदेशक प्रशिक्षार्थियों को कौशल और प्रशिक्षण पद्धति दोनों में वृहद प्रशिक्षण प्रदान किया जाता है, ताकि उन्हें अपने कौशलों को हस्तांरित करने की तकनीक से सुपरिचित कराया जा सके और उद्योग के लिए कुशल जन-शक्ति को प्रशिक्षित किया जा सके।

शैक्षणिक सत्र 2019 में प्रवेश के दौरान यह आकलन किया गया कि 28 लाख से अधिक की सीटिंग क्षमता वाले लगभग 15,000 आईटीआई तथा कौशलीकरण तंत्र में लगभग 95,000 अनुदेशकों के पद हैं। किंतु, इनमें से वर्तमान में लगभग केवल 15 प्रतिशत सीआईटीएस के अंतर्गत प्रशिक्षित हैं। एनसीवीटी ने यह अनिवार्य कर दिया है कि आईटीआई के सभी प्रशिक्षकों को सीआईटीएस में प्रशिक्षित किए जाने की आवश्यकता है। प्रशिक्षकों के प्रशिक्षण के लिए राष्ट्रीय कौशल प्रशिक्षण संस्थानों (एनएसटीआई) में वर्तमान क्षमता प्रति वर्ष 7776 है, जबकि कुल सीटिंग क्षमता 11,556 (सरकार तथा निजी आईटीओटी – 3780 सहित) है। शैक्षणिक वर्ष अगस्त 2019 के दौरान लगभग 9,317 उम्मीदवारों ने अनंतिम प्रवेश लिया है (81% सीटें भरी)।

सीआईटीएस कार्यक्रम के अंतर्गत पात्र उम्मीदवार वे हैं, जो एनटीसी/एनएसी/डिप्लोमा/ डिग्री अर्हता रखते हों। 27 इंजीनियरी ट्रेडों और 9 गैर-इंजीनियरी ट्रेडों में 27 प्रशिक्षण कार्यक्रम केंद्रीय संस्थाओं में ऑफर किए जा रहे हैं।

शिल्प अनुदेशक प्रशिक्षण संस्थान:

निम्नलिखित केंद्रीय संस्थानों में प्रशिक्षण चलाया जाता है:

  • हैदराबाद (विद्या नगर), हैदराबाद (रामनाथपुरम), मुंबई, चेन्नई, कोलकाता, कानपुर, लुधियाना, देहरादून, बेंगलुरू, चौदवार, कालीकट, हल्द्वानी, जोधपुर भुवनेश्वर तथा जमशेदपुर में स्थित एनएसटीआई
  • नोएडा, पानीपत, भुवनेश्वर, इंदौर, जयपुर, इलाहबाद, तिरूवनंतपुरम, बेंगलुरू, कोलकाता, मुंबई, वडोदरा तथा तुरा में स्थित महिला एनएसटीआई
  • मोहाली, शिमला, पटना, अगरतला, तिरूचिरापल्ली, हैदराबाद, गोवा तथा जम्मू यूटी में स्थित नए महिला एनएसटीआई

निम्नलिखित सरकारी आईटीओटी में भी प्रशिक्षण दिया जाता है:

  • लखनऊ (यूपी), तलचर (ओडिशा), भोपाल (मध्य प्रदेश), रोहतक (हरियाणा) तथा दावणगेरे (कर्नाटक) तथा मालावाली (कर्नाटक) में स्थित सरकारी आईटीओटी)।